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चन्द्र ग्रहण 31 जनवरी 2018

vastu

वर्ष 2018 का ये पहला ग्रहण है| हर ग्रहण की तरह इसका प्रभाव भी आम जन जीवन पर पड़ेगा| ग्रहण वास्तव मे एक ऐसी आकाशीय क्रिया है, जो की हमारे सामान्य चलने वाले जीवन चक्र मे एक विक्षोभ उत्तपन करती है| हर कोई इसके दूरगामी प्रभाव मे आता है| जिसकी राशि ग्रहण गोचर मे दुर्बल होती है, उसको इसका अनिष्टकारी परिणाम अधिक भोगना पड़ता है| इन सब के बाद भी बलशाली ग्रह किसी भी प्रकार के अनिष्ट को भंग करने की क्षमता रखते है| शुभ ग्रह हर प्रकार के दोष को कम अथवा समाप्त कर देते है| ऐसा ही इस ग्रहण योग मे भी हो रहा है| इसलिए इस ग्रहण को लेकर विचलित होने की अवश्यकता नही है| थोड़ी सी सावधानी मात्र से इस ग्रहण के दुष्परिणाम से बचा जा सकता है| ग्रहण लग्न गोचर से गुरु बृहस्पति केंद्र मे रहेंगे| चन्द्र-गुरु के एक दुसरे से केंद्र मे होने से गज-केसरी योग भी बना रहेगा| साथ ही साथ चन्द्र स्वराशि हो कर बली रहेगा| ऐसे मे ग्रहण यदि पूर्ण भी होता तो भी अपनी प्रचंडता नही दिखा पाता| फिर भी सावधानीपूर्वक ही ग्रहण काल मे रहना चाहिए| ग्रहण काल के बाद निर्देशित उपाय करना भी न भूले| जैसा की पहले ही बताया गया हैं की, बृहस्पति ग्रहण के प्रभाव को कम कर रहें है| इसलिए बृहस्पति से जुड़ा एक छोटा सा उपाय जरूर करें| ग्रहण के अगले दिन बृहस्पतिवार हैं तो स्नान के जल मे आधा चम्मच पीसी हल्दी मिला लें| इसके बाद सुबह पूजन के बाद गुगुल की धुप पुरे घर मे कर दें| शाम को केले या पीपल या तुलसी जी के नीचे देशी घी का दीपक जला दें| इसके बाद फरवरी मे शिवरात्रि के दिन पूजन के समय पीला चंदन या हल्दी से शिव जी को तिलक करें| बस इतने भर के उपाय से ग्रहण निष्प्रभावी हो जाएगा| सावधानी के लिए ग्रहण काल मे चन्द्र या आकाश की ओर भूल से न देखें, अन्यथा अलग उपाय करने पड़ेगे| सवाधानी रखें ताकि कोई अन्य उपाय न करना पड़े| वरना जो उपाय बताया गया है वो सावधानी रखने वाले जन के लिए पर्याप्त हैं| विशेष- ग्रहण काल मंत्र सिद्धि के सबसे अधिक महत्वपूर्ण होता हैं| साधक इस समय का लाभ लें, क्योंकि ग्रहण काल लम्बे समय रहेंगा| कृपया इस POST को LIKE व SHARE जरूर करें| कृपया FACEBOOK PAGE को LIKE भी करें| ज्योतिष सलाह या अन्य किसी जानकारी के लिए संपर्क करें- 7839217609 ( केवल WHATSAPP ही करें )...